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पायलट को नहीं दिखा रनवे, घने कोहरे के बीच लैंडिंग की दूसरी कोशिश भी नाकाम, अलास्का मिलिट्री एयरपोर्ट पर चार्टर प्लेन क्रैश, 8 लोगों की मौत

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Aug 22, 2026 07:16 am IST,  Updated : Aug 22, 2026 08:57 am IST

अलास्का के मिलिट्री एयरपोर्ट पर विमान हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। बताया जाता है कि मौसम खराब होने के चलते इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था। लैंडिंग के दौरान पायलट को रनवे नजर नहीं आ रहा था।

Plane crash- India TV Hindi
प्लेन क्रैश Image Source : AP, PIXABAY

अलास्का: अलास्का मिलिट्री एयरपोर्ट पर हुए विमान हादसे को लेकर जो शुरुआती जानकारी सामने आई है, वह काफी चौंकानेवाली है। बताया जाता है कि जिस वक्त विमान क्रैश हुआ उस वक्त इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था। पायलट को रनवे बिल्कुल नजर नहीं आ रहा था।  इस हादसे में एक छोटा विमान लैडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। मरनेवालों में 6 यात्री और दो क्रू मेंबर भी शामिल हैं। यह हादसा अलास्का के सुदूर मिलिट्री एयरपोर्ट पर हुआ। 

कैसे और कहां हुआ हादसा?

एयरपोर्ट के पास घना कोहरा छाए रहने की वजह से  विमान की पहली लैंडिंग फेल हो गई थी। दूसरी कोशिश के दौरान यह विमान क्रैश हो गया। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड ने बताया कि घने कोहरे की वजह से पायलट को रनवे नहीं नजर आ रहा था। लैंडिंग के दौरान पायलट पूरी तरह से इंस्ट्रूमेंट्स पर निर्भर था। अलास्का के एंकरेज से लगभग 450 मील (725 किलोमीटर) पश्चिम में केप न्यूएनहैम लॉन्ग रेंज रडार साइट एयरपोर्ट पर यह हादसा हुआ। 

आर्मी कोर ऑफ इंजीनियर्स के दो कर्मचारियों की भी मौत

इस हादसे में मारे गए दो पायलटों और छह यात्रियों की तुरंत पहचान नहीं हो पाई है। बताया गया कि मरने वालों में अमेरिकी आर्मी कोर ऑफ इंजीनियर्स के दो कर्मचारी भी शामिल थे। अलास्का के सुदूर इलाके में यह रडार साइट 1950 के दशक में सोवियत यूनियन के मिसाइल हमले की पहले से चेतावनी देने के लिए बनाए गए नेटवर्क के हिस्से के तौर पर बनाई गई थी। आज इस साइट का इस्तेमाल रूस, नॉर्थ कोरिया और चीन की हरकतों पर आसमानी नजर रखने के लिए होता है।

पहाड़ की ढलान पर है एयरस्ट्रिप

यह एयरस्ट्रिप पहाड़ की ढलान पर बजरी से बनी हुई है। यहां पर लैडिंग के दौरान पायलटों को सावधानी बरतनी पड़ती है। फ़ेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से पायलटों को सलाह दी गई है कि वे इस एयरपोर्ट पर लैंड करते समय GPS और दूसरे इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल करें।

मिलिट्री परिवार के लिए बड़ा नुकसान

अमेरिकी एयर फ़ोर्स के लेफ्टिनेंट जनरल रॉबर्ट डेविस, जो अलास्का कमांड, अलास्का नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफ़ेंस कमांड रीजन और इलेवन्थ एयर फ़ोर्स के कमांडर हैं, ने एक बयान में कहा कि विमान में सवार लोग एक मुश्किल माहौल में एक ज़रूरी मिशन को पूरा करने वाले डेडिकेटेड प्रोफ़ेशनल थे। डेविस ने कहा, "यह हमारे मिलिट्री परिवार और जिन समुदायों की हम सेवा करते हैं, उनके लिए बहुत बड़ा नुकसान है।" 

घना कोहरा बना हादसे की वजह?

जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त मौसम तेजी से था और इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था। नेशनल वेदर सर्विस के अलास्का सेक्टर ऑपरेशन सेंटर की इंचार्ज मौसम विज्ञानी कैरी हैसली के अनुसार, एयरपोर्ट के पास ऑटोमेटेड ऑब्ज़र्वेशन सिस्टम ने क्रैश से कुछ मिनट पहले कम बादल, कोहरा और लगभग 10 मील (16 किलोमीटर) की विज़िबिलिटी की रिपोर्ट दी थी, लेकिन क्रैश के लगभग 15 मिनट बाद अगले अपडेट में विज़िबिलिटी बहुत कम होकर एक-चौथाई मील (0.40 किलोमीटर) से भी कम हो गई। 

यह एयरपोर्ट एक प्राइवेट मिलिट्री साइट है जिसे पैसिफ़िक एयर फ़ोर्स रीजनल सपोर्ट सेंटर मैनेज करता है। अलास्का कमांड के बयान में कहा गया है कि यह रिमोट रडार साइट्स के एक नेटवर्क का हिस्सा है जो अलास्का के एयरस्पेस और उसकी सीमाओं पर ऑपरेट करने वाले एयरक्राफ़्ट को ट्रैक करता है। बता दें कि गुरुवार को इस एयरपोर्ट पर चार्टर एयरक्राफ्ट हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई।

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